Nighalo Gheun Dattachi Palakhi / निघालो घेऊन दत्ताची पालखी
दिगंबरा दिगंबरा श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा निघालो घेऊन दत्ताची पालखी | |
| आम्ही भाग्यवान आनंद निधान | |
| झुलते हळूच दत्ताची पालखी | |
| रत्नांची आरास साज मखमली | |
| त्यावर सुगंधी फुले गोड ओली | |
| झुळूक कोवळी चंदनासारखी | |
| सातजन्मांची ही लाभली पुण्याई | |
| म्हणून जाहलो पालखीचे भोई | |
| शांत माया मूर्ती पहाटेसारखी | |
| वाट वळणाची जिवाला या ओढी | |
| दिसते समोर नरसोबाची वाडी | |
| डोळियांत गंगा जाहली बोलकी |
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